Thursday, January 18, 2024

बेरुखी मुहब्बत

सितम हुआ हम तेरी बेरुखी को रूठना और दिल्लगी को मुहब्बत समझे, और तरह गए।

और जुल्म हुआ तू मेरी रूट को बेरुखी और मुहब्बत को दिल्लगी समझ के गुजर गई।

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