जिसमे महसूस हुआ की,
बस अब यह लम्हा
यही इसी तरह रूक जाए।
कही से कोई आवाज नहीं
कही से कोई खालिईश नही,
बस यही
बस यन्ही रूक जाए।
लग रहा की करते रहे ईस का इंतजार
करते रहे सालो साल
और आया है थमा हुआ है
तो क्या करे कैसे करे क्या कहे कैसे कहे,
बस यही सोच रहे सालो साल।
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