लगी रहे आग दिल मे एक ,
कम से कम
एक रिश्ता तो बना रहता है।
मुहब्बत न सही खलीज ही सही,
एक बहाना बना रेहता
तुम्हे याद रखने का।
मांन के मौसम खराब
क्यों अल्लाह से रुसवाई है।
रुट कर बैठे हो
और नज़रे बद आई है।
लगी रहे आग दिल मे एक ,
कम से कम
एक रिश्ता तो बना रहता है।
मुहब्बत न सही खलीज ही सही,
एक बहाना बना रेहता
तुम्हे याद रखने का।
मांन के मौसम खराब
क्यों अल्लाह से रुसवाई है।
रुट कर बैठे हो
और नज़रे बद आई है।
Kya hua jo tum rooth gaye,
Itna gham bhi nahi ki hum yaad kare,
Waqt zaroorat kabhi n kabhi ,
Khalish to hoti hi, afsoons bhi hota hi,
Ek baar tum hi mur ke dekh leti,
To hum bhi hath bara ke rok lete.