Thursday, December 17, 2020

Waqt kabhi mila hi nahi

WAQT KABHI MILA HI NAHI


ना जाने कब हम भी कहें..
Waqt कभी मिला ही नही 

कर के अफसोस फिर कहे..
Waqt कभी मिला ही नहीं ...

...कुछ waqt अपने लिए  जिसे सिर्फ़ अपना कहें...
... कुछ काम सिर्फ अपने लिए जिसे सिर्फ़ अपना कहें l

करे वही जो दिल कहें 
सुने वही जो दिल चाहें....

बिना किसी की फिक्र किये, 
बिना किसी का अफसोस किये l

करे वही जो दिल कहें सुनें वही जो दिल सुनें ,
...की waqt से पड़े कहना नहीं ..
कि waqt हमे मिला ही नहीं l

...जो खुद से कभी ईमानदार ना हुआ, 
...जो अपनों से कभी बेईमान ना हुआ, 
वो क्या खाक जिया वो क्या खाक जिया l 

यह सोंच फिर हर बार रूका , अभी नहीं कभी फिर कहा...
...यह waqt ही है फिर कभी लौटा नहीं ...
...किसी के लिए रूका नहीं.

जो waqt पर जिया नहीं..
जिसे waqt पे waqt मिला नहीं, 
वो भी क्या राख जिया ...
वो भी क्या खाक जिया l

Wednesday, September 9, 2020

उम्मीद और खवाब

जो अधुरे खवाब हैं, वोही तो तेरे साथ है।
जो मुकम्मल हुए , वो तो पराये हुए,
हर खवाब की तमीर, तेरे जिन्दगी की लौ हैं 
नही तो इतना जिन्दगी-ए-ज़ौक कहा,   हर्रोज़ जधोजहद लडे है।

इश्तिराहत से पहले उमीदें खवाब, हर सुभ उन्ही खवाबों की तत्बीरे।

सुभ फिर वोही जोश की आज तो येह कर ही गुजरेंगे, 
फीर वो नाऊमीदी की इस जिन्दगी मे रखा क्या है , 
इस जिन्दगी मे करा क्या हैं।

जिन्दगी की सुभ - शाम और खवाब- नाऊमीदी 
रोज़ खवाबों की तामीर- तत्बिरे ही तो जिन्दा रखेगी,
इस नाऊमीदी से ना हार एक येही ही हैं जिस से हर खवाब है और हर उमीद हैं।

Friday, July 17, 2020

हौसला फैसला

तेरा हर बेताल्लुक सवाल और मेरा बेतकल्लफी जवाब,
यूहीं रिश्ते को उल्झता सुल्झता रहा,
मेरा हर हौसला हमे करीब करता रहा,
तेरा हर फैसला हमे दूर करता गया।

Thursday, July 16, 2020

इन्तज़ार

पथ्थर यूही नही हूई वो आंखे,
करते करे इन्तज़ार,
सबब कुछ वो भी रहा होगा यार,
वो जो कश्मकाह थी बिचड्ने मे उनसे,
फिर अखरी बार।

Friday, June 5, 2020

दिन जो रात हुए

अब येह कैसा दिन जो रात से बत्तर हैं 
चमगादरड़ रात का इन्तज़ार नही करते,
कुत्ते भी दिन मे रो रहे हैं,
गिदओदे की अवाज ऐसे दिन साफ सनयाए देती है 
प्रेत की कोई ज़रुरत नही जगह नही इन्सान खुद प्रेतॉ का प्रेत हो रहा है।

Tuesday, June 2, 2020

Mushqil-e-maut..

main marta nahi,
ki kafan nahi mere paas,
.....wo halak ka niwala cheen, jene bhi nahi dete ....

Mitti vatan ki ho naseeb, 
ab itni bhi asaan nahi...
pehle haque zammeno-asmaan ka ho ada,
tab hi dum nikalye....

Wednesday, May 27, 2020

अबू ज़फ़र सलाहद्दीन मुहम्मद बहादुर शह।

किस किस का नाम लिखोगे कुर्बानियो की फिरस्त मे,
बस एक जफर ही काफी है,
तुम्हारे ज़माने भर की मुनाफीक्त के लिये।

Wednesday, May 20, 2020

निज़मे मुहब्बत

कोई तेरा खुदा, किसी के लिये तू खुदा।
बस येही निज़ाम ही मुहब्बत का, 
किसी को तू ना मिले कोई तुझे ना मिले।

Monday, April 27, 2020

Hope is the only Hope...

जिन्दगी इतनी भी कमज़ोर नही तुम्हारी की एक छोटी सी बोतल पे रुक जए।
तुम भूल गये वो मए का दरिया जिसमे तुम गोते लगया करते थे।

Thursday, April 23, 2020

Corona

Duniya usi ki jiski umeed ki hi...
Marne ke bahane kya kam the , Jo ek CORONA aur aa gaya...