Tuesday, December 19, 2023

बात पे बात

बात यू हि कर जाते हो या कुछ और भी बात है,

न जाने क्यों मुझे लगता है की हर बात में कुछ बात है,

गर तुम्हारा लहजा कहता है
हर बात तुम्हारी बेबात है,

Thursday, October 26, 2023

Aftab ho tum..

 तुम्हें यूं हीं नही मैं आफताब कहा करता हु।
तुम दूर भी 
तुम नूर भी
तुम चमक भी
तुम धमक भी
तुम आस भी
तुम सांस भी
तुम नरम भी 
तुम गरम भी

तुम हाई जो जिंदगी को सांसे देती 
तुम ही हो जो मेरे मेहताब को रोशन करती l
तुम हो तो सब है
सब है तभी तुम हो।

Saturday, September 16, 2023

waqt ke paas

यह जो समझते है कहते है अभी वक्त है हमारे पास
बता दो समझ लो वक्त तो वक्त भी नही वक्त के पास।
वो कह के चले की कल मिलता हु
फिर मिले न मिले वक्त के पास।

हर एक जवानी यह समझ रही की वक्त उसी का है और उसी का रहेगा
यह तो उम्र बताती है वक्त किसी का नही किसी के पास।

लड़कपन में जो सोचा किए वक्त कब आयेगा हमारे पास
आज पता चला की सिर्फ वोही तो एक वक्त था हमारा हमारे पास।

 उम्र के देहलीज पे मांग रहे  खुदा से थोड़ा वक्त और जो दे दे थोड़ी आस,
बस अब यही तो नही मिल सकता किसी कीमत पे हमारे पास।